कैसे रखें बोरियत को बच्चों से दूर – Boredom in Children in Hindi

By Ruchi Gupta | 3-4 mins read | फ़रवरी 25, 2020 Expert View By: Dr. Anu Goel, Psychologist & Relationship Expert
कैसे रखें बोरियत को बच्चों से दूर – Boredom in Children in Hindi

बच्चे छोटे हो या बड़े, आजकल बहुत जल्दी किसी भी काम से बोर हो जाते हैं। खासकर 5 साल से 10 साल के बच्चे। कई बार तो ऐसा भी देखा गया है कि जिस समय वे कुछ भी नहीं करते, तब भी बोर होते हैं और माता-पिता से उम्मीद करते हैं कि उनकी इस समस्या का वे हल निकाल पाएंगे। आखिर क्यूं हो जाते हैं बच्चे बोर और कैसे उन्हें रखें बोरियत से दूर आइए जानते हैं:

‘मम्मी मैं बोर हो रही हूं!‘ मेरी 7 साल की बेटी अक्सर मुझसे यही शिकायत करती है। मुझे भी लगता है कि वह कुछ कर नहीं पा रही इसीलिए बोर हो रही है, तो मैं भी उसे कोई खेल खेलने या पढ़ाई करने को कह देती हूं। लेकिन वह इनमें से कुछ भी नहीं करना चाहती और बार-बार मुझे कहती रही है, ‘मैं बोर हो रही हूं, आप नहीं समझोगे।‘ ऐसा सिर्फ घर पर ही नहीं होता, अगर हम कहीं बाहर भी जाते हैं तो भी अक्सर वह यही कहती है। मेरे पास उसकी बोरियत को दूर करने का कोई हल नहीं था, तो मुझे लगा क्यों न मैं मेरी बेटी की इस समस्या का हल खोजूं? मुझे जो इस समस्या के बारे में पता चला, वह काफी दिलचस्प है। आइए इस विषय के बारे में और जानते हैं।

क्या हैं बोर होने के कारण 

  • मौजूदा दौर में जिंदगी बहुत तेजी से भाग रही है। दिन के 24 घंटे भी कम पड़ रहे हैं सोची गई एक्टिीविटीज को पूरा करने के लिए। एक बच्चा एक दिन में स्कूल और ट्यूशंस के अलावा लगभग 2 एक्टिीविटीज में तो भाग लेता ही है, चाहे व डांस हो, स्केटिंग हो या फिर सेल्फ डीफेंस की क्लासेज। ऐसे में उनके पास खाली बैठने का वक्त ही नहीं होता। उनकी जिंदगी में कुछ न कुछ चलता ही रहता है। अब अगर किसी कारणवश वे खाली बैठ भी जाते हैं, तो उन्हें बोरियत होने लगती है।
  • इसके अलावा एक बहुत बड़ा कारण है बच्चे का अकेले रहना। ज्यादातर माता-पिता कामकाजी होते हैं, ऐसे में उनके पास बच्चे को देने के लिए समय बहुत कम होता है। और जो समय वे दे भी पाते हैं, उसमें वे मुख्य जिम्मेदारियों को ही पूरा कर पाते हैं। ऐसे में बच्चे अपनी हर जरूरत के लिए माता-पिता की ओर मुंह करते हैं और जब उन्हें उनका साथ नहीं मिल पाता तो वे खुद को बोर महसूस करते हैं।
  • आजकल बच्चे पढ़ाई के अलावा सिर्फ गैजेट्स पर ही निर्भर रह जाता है। ऐसे में कुछ समय के लिए ही सही, लेकिन जब उनके पास गैजेट्स नहीं होते, तब वे खुद को ज्यादा बोर महसूस करते हैं।

बच्चों में बोरियत को दूर करने के तरीके इस प्रकार हैं:

बच्चों को बोर होने से बचाने से पहले यह जानना बेहद जरूरी है कि वे कब और क्यों बोर होते हैं। क्यूं के बारे में तो हमने बात कर ली] अब बात करते हैं कि वे कब बोर होते हैं। इस बारे में बता रही हैं रिलेश्नशिप एक्सपर्ट डॉ. अनु गोयल:

  1. सबसे पहले अपने बच्चे के बोर होने का कारण, उन्हें खुद खोजने दें। जब आपका बच्चा बोले की वह बोर हो रहा है तो उसे पूछें कि वह क्यों बोर हो रहा है। अगर वह खुद से कारण नहीं ढूंढ़ पा रहा तो आप उसे पूछें कि वह क्या करना चाहता है, जिससे वह बोर नहीं होगा। इस तरह आपको सही पता लगेगा कि क्या वह वाकई बोर हो भी रहा है या नहीं।
  2. कई बार बच्चे आपका ध्यान आकर्षित करने के लिए भी यह काम करते हैं, ताकि उन्हें आपका साथ मिल जाए। ऐसे में जरूरी है कि आप बच्चे को बोर होने की स्थिति में उसी के किसी काम में लगाएं। आप उसकी पसंद की चीजें करने को उसे कहें। ऐसे में आप बच्चे को कह सकते हैं कि वे अपने लिए एक सूची बनाएं जिसमें वे सिर्फ उन एक्टिीविटीज को लिखे, जिन्हें वह बोर होने पर कर सकता हो। इस तरह आप उन्हें आत्म-निर्भर भी बनाएंगे। आप बच्चे को सीखाएं कि वह खुद को कैसे एंटरटेन कर सकता है।
  3. छोटी उम्र के बच्चे अपनी फीलिंग्स को सही से नहीं बता पाते। क्या वो वाकई बोर हो रहे हैं या बात कुछ और है? आप बच्चे से पूछें कि उसे क्या हो रहा है। हो सकता है कि वह सिर्फ कहने मात्र के लिए ऐसा कह रहे हों या उनकी फीलिंग कुछ और हो और वे बता नहीं पा रहे। ऐसे में उनसे बातचीत एक अच्छा विकल्प है।
  4. हमने देखा है कि बच्चे अपने पेरेंट्स को कॉपी करते हैं। आप जैसा बोलेंगे, वे भी वैसे ही बात करेंगे। बच्चे हमसे ही सीखते हैं। अगर हम बार-बार उनके सामने कहेंगे कि हम बोर हो रहे हैं तो वे भी इस बात को बोलने लगेंगे। कोशिश करें कि बच्चों के सामने सोच-समझ कर बोलें।
  5. बच्चे बड़ों कि कमियों को बड़ी जल्दी भांप लेते हैं। एक-दो बार बोर शब्द कहने के बाद जब आप उनकी किसी भी इच्छा को पूरा कर देंगे तो वह बार-बार आपको अपनी बोरियत का वास्ता देंगे। यह उनके लिए सुबह स्कूल न जाने के लिए बनाए गए बहानों जैसा ही है। जरूरी है कि आप उनकी इन बातों पर ज्यादा ध्यान न दें और उनकी समस्या का समाधान उन्हें खुद करने को कहें।
  6. बाकी सभी बातों के अलावा बहुत जरूरी है कि बच्चा कुछ समय खाली भी बैठै। खाली बैठने से ही उनके दिमाग में नए-नए आइडियाज आएंगे, वे और अधिक रचनात्मक बनेंगे। इसके लिए जरूरी है टीवी, मोबाइल फोन जैसे गैजेट्स से उनकी दूरी बनाई जाए।

अब जब आप अपने बच्चे के बोर होने के कारण और उसे दूर करने के तरीकों से वाकिफ हो चुके हैं तो हमें उम्मीद है कि आपकी परेशानी कुछ तो जरूर कम हुई होगी।

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Ruchi Gupta

Last Updated: फ़रवरी 25, 2020
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