जेनरेशन गैप (Generation Gap) – मां-बाप और टीनएज बच्चों के बीच

By Kusum Lata|6 - 7 mins| December 17, 2020

जब आपका बच्चा किशोरावस्था यानी टीनएज में पहुंच जाता है, तो आपके और आपके बच्चे के सोचने – विचारने के तरीके में अंतर आना जायज है। यही अंतर वास्तव में जनरेशन गैप कहलाता है। इस जनरेशन गैप को कम करने के लिए और अपने टीनएजर बच्चे को सही राह पर लाने के लिए मां – बाप को अपने बच्चे और जनरेशन गैप के बीच एक पुल की तरह काम करना चाहिए। इसी पुल के जरिए मां-बाप अपने किशोरवय बच्चे तक पहुंच सकते हैं।

जब आप टीनएजर होंगे तो आपने भी महसूस किया होगा कि आपके मां-बाप आपकी बात को नहीं समझ पा रहे हैं। आपका और आपके मां-बाप का सोचने का और रहन-सहन का तरीका अलग होगा। कई बार आपके कपड़ों या हेयर स्टाइल को लेकर आपके मां-बाप ने आपको कुछ कहा होगा, तो आपको काफी बुरा लगा होगा। हो सकता है इसी वजह से आपने अपने मां-बाप की बात को सुनना कम कर दिया हो। इसके लिए हो सकता है आपको डांट भी खानी पड़ी हो। जिस तरीके से आपकी टीनएज में आपके मां-बाप और आपके सोचने में अंतर था, उसी तरीके से अब आपका बच्चा टीनएज हो चुका है। अब आप उसके पेरेंट्स हैं। ऐसे में आप अपने बच्चे को सही दिशा में लाने के लिए कुछ बातें उसकी मानें और कुछ अपनी मनवाएं। ना ही तो बच्चा पूरी तरीके से गलत हो सकता और ना ही पूरी तरीके से आप सही हो सकते हैं। यह सब समय का खेल होता है। समय निरंतर परिवर्तनशील है। परिवर्तन ही समाज व प्रकृति का नियम है, तो फिर भला आप और आपका बच्चा इस परिवर्तन से अछूता कैसे रह सकता है।

आप इस परिस्थिति को हल करने के लिए, अपने बच्चे को अपने करीब लाने के लिए जनरेशन गैप को कम करिए। इसके लिए आपको जीवन में आ रहे बदलावों को स्वीकारना होगा। इसके साथ ही ऐसे ही कुछ सुझाव यहां दिए जा रहे हैं, जो आपके किशोर उम्र के बच्चे और आपके बीच संबंधों को बेहतर बनाएंगे

1. बेहतर कम्युनिकेशन बनाए रखना

अपने बढ़ते बच्चे से कम्युनिकेशन गैप कभी ना आने दें। बच्चे से बातचीत करते रहें। उसके स्कूल, दोस्तों के बारे में बातचीत करें। आजकल चल रहे फैशन आदि के बारे में भी जब आप से बात करेंगे तो बच्चे को लगेगा कि आप उसके काफी करीब हैं। बच्चे को जिस टॉपिक पर बात करना पसंद हो, उस पर डिस्कस करें। बच्चे को कोई परेशानी है, तो उसके साथ मिलकर उसे हल करने की कोशिश करें। बच्चा घर में कुछ देर अकेला बैठना चाहता है तो उसे स्पेस दें।

2. खुले और आधुनिक विचार होना

अपने समझदार होते बच्चे के साथ आपको अपने दिमाग को खुला रखना है और पुराने विचारों को त्याग कर आधुनिक विचारों को अपनाने का प्रयास करना है। वैसे भी समय के साथ चलने में कोई बुराई नहीं है। इसलिए अपने बच्चे से दिल खोल कर बात करें। अपने विचारों को उससे साझा करें और उसके विचारों को जानने के लिए उत्सुक रहें। किसी भी बात पर बच्चे को ज्यादा रोक-टोक ना करें। अगर आप अपने टीनएज बच्चे की बातों में रुचि लेंगे, तो वह आपसे अपनी और भी बातें शेयर करना चाहेगा। इसलिए उसकी छोटी-छोटी बातों को नजरअंदाज ना करें, बल्कि उसकी ओर ध्यान दें। अगर आप उसकी बात पर गौर करेंगे, तो वह आपसे खुलकर बातचीत करने लगेगा।

3. बच्चों की इच्छाएं मानना

अब जब आपका बच्चा बड़ा हो रहा है, तो उसकी कुछ बातें मानने में कोई बुराई नहीं है। अगर बच्चा कुछ ऐसा करना चाहता है जिसमें कुछ गलत नहीं है, तो आप उसकी बात मान सकते हैं। बच्चों की छोटी-छोटी बातें मानकर आप अपने करीब लाकर बच्चों से अपनी कोई बड़ी बात मनवा सकते हैं। यकीन मानिए कि जब आप बच्चे की छोटी-छोटी खुशियों का ध्यान रखेंगे तो वह आपकी किसी भी बात को अनसुना नहीं करेगा।

4. बदलावों को स्वीकारना

समय के अनुसार बदलावों को स्वीकारना सीखें। जब आप भी अपने बच्चे को बदलते और कुछ मॉडर्न होते नजर आएंगे तो बच्चा भी आपसे अपनी बातें शेयर करना पसंद करेगा। अपने बच्चे की पसंद को आप भी पसंद कीजिए। इससे आप की पसंद को भी बच्चा नापसंद नहीं करेगा।

5. अपने टीनएजर बच्चे की बात ध्यान से सुनना और समझना

टीनएजर बच्चे में मानसिक और शारीरिक दोनों रूप से काफी बदलाव होते हैं। ऐसे में कई बार टीनएजर बच्चे चिड़चिड़े और गुस्से वाले भी हो जाते हैं। इस परिस्थिति में आप बच्चे पर गुस्सा मत कीजिए। उसको डांटिए नहीं, बल्कि उसकी स्थिति को समझने की कोशिश कीजिए। उसकी जगह थोड़ी देर के लिए खुद को रख कर देखिए। शायद आप उसके मन की बात समझ पाएं। अपने समझदार होते बच्चे की बात को ध्यान से सुनिए व समझिए फिर प्यार से उससे बात कीजिए। अगर उसकी कोई बात गलत भी है तो तुरंत उसकी बात का विरोध ना करके, सही समय का इंतजार कीजिए। जब बच्चा शांत हो तब उससे बात कीजिए।

6. बच्चे के साथ समय बिताना

क्वालिटी टाइम स्पेंड कर के बच्चे को अपना अच्छा दोस्त बनाया जा सकता है। आप केवल माता – पिता की भूमिका में ही खुद को ना बांधें, बल्कि कभी-कभी उसके दोस्त भी बन जाएं। उसके दोस्त बन कर उसके साथ कुछ फीलिंग शेयर करें। उसके साथ टीवी देखें, मूवी देखें, उसका फेवरेट टीवी शो आप भी देखें और उसकी तारीफ करें। उसके साथ कुछ डांस, थोड़ा मस्ती, थोड़ा म्यूजिक इंजॉय करें। ये थोड़ा सा धमाल आपके बच्चे पर जादू का सा असर करेगा।

7. बच्चे पर भरोसा करना

अपने बच्चे पर भरोसा करना भी जरूरी है। साथ ही बच्चे को यह एहसास कराइए कि आपको उस पर पूरा विश्वास है। वह जो भी करेगा, सही करेगा। जब पूरे प्यार व अपनेपन के साथ आप बच्चे को यह एहसास दिलाएंगे तो वह खुद ही एक जिम्मेदार इंसान की तरह काम करेगा।

समाज में अपना अहम स्थान बनाने के लिए बच्चे को मां – बाप ही तैयार करते हैं। इसके लिए मां-बाप की जिम्मेदारी बनती है कि बच्चे को सही – गलत की पहचान भी कराएं। लेक्चर देने की बजाय बच्चे को किसी उदाहरण के जरिए सही – गलत बताएं। इसके लिए आप किसी टीवी सीरियल, किसी फिल्म आदि की मदद भी ले सकते हैं। उदाहरण के लिए आप कोई ऐसा सीरियल बच्चे को देखने को कहें जिसमें सीरियल वाला बच्चा अपने मां-बाप की बात नहीं मानता और फिर बाद में उसे पछताना पड़ता है। इससे बच्चा भावनात्मक रूप से आपसे जुड़ जाएगा और आपकी बात मानेगा। वैसे भी आजकल के बच्चे डांटने या मार से नहीं, डरते उन्हें प्यार से ही समझाया – बहलाया जा सकता है।

8. अपने बच्चे की ताकत बनना

पेरेंट्स के लिए यह भी आवश्यक है कि वे बच्चे को विश्वास दिलाएं कि हर परिस्थिति में वे बच्चे के साथ हैं। उन्हें अपने स्नेह के बंधन से बांधे रखें। अपने प्यार से उन्हें यह एहसास कराएं कि उन बच्चों से कीमती उनके लिए कुछ नहीं है। बच्चे ही उनके लिए सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण हैं। आप बताएं कि आपके बच्चे की हर परेशानी उनकी परेशानी है, इस परेशानी को भी मिलकर दूर करेंगे। जब बच्चे को आप पर पूरा यकीन हो जाता है तो वह आपको खुद का सच्चा दोस्त मानने लगता है। अपनी हर अच्छी – बुरी बात को आप से शेयर करने लगता है।

9. बच्चे के साथ कदम से कदम मिलाकर चलना

अपने होनहार बच्चे के साथ आप भी कदम से कदम मिलाकर चलिए। अगर वह आपसे थोड़ी – बहुत उम्मीद रखता है, तो उसकी उम्मीदों पर खरा उतरने की कोशिश करें। आप बच्चे को पूरी तरह से अपना बनाना चाहते हैं, तो आप भी उसकी कुछ बातों को मानें।

तो आप भी इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखकर अपने टीनेज बच्चे को समझा सकते हैं और अपने करीब ला सकते हैं।


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Kusum Lata

Last Updated: Thu Dec 17 2020

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