डिलीवरी के बाद दोबारा ऑफिस: अपने बच्चे को कैसे करें तैयार – Mother Returning to Work After Maternity Leave in Hindi

By Bhagyasree Saha | 3-4 mins read | फ़रवरी 17, 2020 | Read in English
डिलीवरी के बाद दोबारा ऑफिस: अपने बच्चे को कैसे करें तैयार – Mother Returning to Work After Maternity Leave in Hindi

आज-कल ज्यादातर माएं कामकाजी हैं। फिर चाहें वे अपना खुद का कुछ बिजनेस चला रही हों या कहीं खुद कुछ कर रही हों। इन दोनों ही मामलों में कामकाजी माएं अपने समय और काम दोनों का प्रबंधन कर सकती हैं। लेकिन ऐसी महिलाएं जो कहीं जॉब करती हों, उनके लिए चुनौतियां कुछ अधिक हो सकती हैं। आप भले ही काम के लिए तैयार हो जाएं, लेकिन अपनी मैटरनिटी या डिलीवरी के समय मिलने वाली छुट्टियों के बाद बच्चे को तैयार करना बेहद मुश्किल काम है। ऐसे में बेहद जरूरी है कि अपने भावों को संभाला जा सके। साथ ही अपने शिशु के भावों को भी संभालना भी पड़ेगा। यह एक बहुत बड़ा काम है। हो सकता है कि अपने बच्चे को किसी और के भरोसे छोड़ने की वजह से आपको बुरा भी लग रहा हो। चूंकि कई वित्तीय मामलों में भी महिलाओं की भूमिका बराबर है, इसीलिए आपका काम करना भी उतना ही महत्व रखता है। साथ ही यह वही काम है जिसके लिए आपने कई साल कड़ी मेहनत भी की है। अपनी मेहनत को यूं खत्म होते देखना आसान नहीं है। साथ ही आपको अपने छोटे बच्चे को यूं पीछे छोड़कर काम पर जाना भी आत्म-ग्लानि से भर देगा।

अपने बच्चे को मैटरनिटी लीव के खत्म होने के लिए करें तैयार

मैटरनिटी लीव या मातृत्व अवकाश के खत्म होने पर वापिस लौट कर जाने के यहां 5 तरीके बताए जा रहे हैं जो आपके और आपके नवजात शिशु के दुख को कुछ कम कर देंगे।

  • आपको अपने लिए एक नई रूटीन बनानी होगी। सुबह भाग-भाग कर काम करना और ऑफिस पहुंचने से आपको कोई मदद मिलने वाली नहीं है। आपको बच्चे से संबंधित सभी सामान जैसे कि उसका खाना, दवाइयां उसके डायपर और अन्य सामान को अलग-अलग बैग में रखना चाहिए। और ऑफिस जाने से पहले बच्चे की देख-रेख करने वाले व्यक्ति को दिनभर की पूरी जानकारी दें।
  • आप बच्चे को अपने साथ काम-काज की जगह भी ले जा सकते हैं, ताकि वो भी उस जगह से रू-ब-रू हो सके। इस तरह आप अपनी दोनों दुनियाओं को एक साथ जी सकते हैं। ऐसे में आपके ऑफिस के सहकर्मी भी आपके साथ सहानुभूति रखेंगे और आपकी मदद भी करेंगे।
  • अपनी सुबह की रूटीन का बार-बार अभ्यास करें। निश्चित तौर पर यह दिन का सबसे मुश्किल भाग होगा। इसीलिए आप अपनी दिन की शुरुआत का अभ्यास करें जिसके बाद आपके लिए चीजें बहुत ही सरल और सहज हो जाएंगी।
  • अगर आप दोबारा से काम शुरु करना चाहती हैं तो कोशिश करें कि आप सप्ताह के बीच से शुरुआत करें, इससे सप्ताहंत भी पास रहेगा। और आपको छुट्टी के चलते चीजों को कैसे संभालना है, इस बारे में सोचने का और भी वक्त मिल जाएगा।
  • अगर मुनासिब हो सके तो वर्क-फॉर्म-होम या घर से काम करने के विकल्पों के बारे में देखें। अगर आपको पूरा सप्ताह ऐसे काम करने का मौका न मिल पाए, तो भी आप कुछ दिन अपना काम ऐसे कर सकते हैं। इससे आपको और आपके बच्चे को आपके काम के साथ सामजंस्य बिठाने में मदद मिलेगी।

मैटरनिटी लीव के बाद काम पर लौटने के लिए टिप्स

आज आपका बच्चा आपके लिए सबसे बड़ी पूंजी है। अगर आप अचानक से अपने बच्चे को छोड़ कर लंबे समय के लिए काम पर जाएंगी तो उसे यह बिल्कुल भी पसंद नहीं आने वाला। वह आप पर भूरी तरह से निर्भर है। उसकी दूध की जरूरत को पूरा करने के लिए आप ब्रेस्ट पम्प के विकल्प को चुन सकती हैं। इस दूध को आप सही तरह से लेबल कर फ्रिज में जमा दें। इसके अलावा आप दूध को स्टोर करने के अन्य दिशा-निर्देशों को भी भलि-भांति जान लें। अपना काम शुरु करने से पहले जरूरी है कि आप अपने बच्चे को इन विकल्पों से परिचित करा दें।

एक अच्छा डे केयर देखें

आप अपने बच्चे के लिए डे-केयर का विकल्प भी देख सकती हैं। ध्यान रहे कि वह आपके दिल और जेब दोनों को पसंद आना चाहिए। आप ऐसे ही किसी के भी पास अपने बच्चे को नहीं छोड़ सकती हैं। इसे सफल बनाने के लिए आप बच्चे को समझाएं या उसे बताएं कि आप थोड़ी देर में वापिस आ जाएंगी।

अपनों से मांगे मदद

आप अपनी मां या अपनी सास और परिवार के दूसरे सदस्यों से मदद मांग सकती हैं। आप उन्हें समझाएं कि बच्चे के पालन-पोषण में आपको उनक भी मदद चाहिए। साथ ही यह भी समझाने का प्रयत्न करें कि यह अकेले आप की जिम्मेदारी नहीं है।

दुख में भी है सुख

इन सभी प्रयासों के बावजूद आपका काम पर पहला दिन बेहद सफल नहीं होगा अगर आपको हर पल यही लगेगा कि आप अपने बच्चे की अनुपस्थिति को महसूस कर रही हैं। आपको बच्चे को घर में अकेला छोड़ने का दुख होगा। मातृत्व है ही ऐसा, जिसमें दुख में सुख और सुख में दुख का अनुभव होता है। अपने दिमाग को और परेशान करना अब बंद करें और अपने समय का रचनात्मक तरीके से इस्तेमाल करने के बारे में सोचें। किसी भी समस्या को हल करने का सबसे अहम भाग होता है अपने दिमाग को तैयार कर लेना। आप इसके लिए अच्छे से तैयार हो जाएं। अगर आप इसके लिए अच्छे से तैयार हो जाएंगी तो सभी चीजें खुद-ब-खुद सही होती चली जाएंगी। खुद के साथ अपने बच्चे को भी मां के बिना घर पर रहने के लिए तैयार करें। एक बार जब आप दोनों सहज हो जाएंगे, तभी आपका प्रयास सफल रहेगा।

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Bhagyasree Saha

Last Updated: फ़रवरी 17, 2020
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