आपके बच्चे को सफल बनाएंगी ये 18 अच्छी आदतें – Good Habits For Kids in Hindi

By Kusum Lata | 3-4 mins read | मार्च 24, 2020 Expert View By: Dr. Nisha Khanna
आपके बच्चे को सफल बनाएंगी ये 18 अच्छी आदतें – Good Habits For Kids in Hindi

कल शुभम के स्कूल में दौड़ प्रतियोगिता थी। इसमें वह हार गया, बल्कि रेस पूरी ही नहीं कर पाया था। फिर भी स्कूल में उसकी जमकर तारीफ हो रही थी और उसे खास पुरस्कार दिया गया। शुभम के मम्मी - पापा को भी स्टेज पर बुलाकर उनके द्वारा शुभम को सिखाए गए अच्छे व्यवहार के लिए प्रशंसा की गई। इस समय पूरा स्कूल इन लोगों के लिए बजाई जा रही तालियों से गूँज रहा था। दरअसल हुआ कुछ यूं था कि वह सबसे आगे दौड़ रहा था। तभी उससे पीछे दौड़ रहा बच्चा गिर पड़ा और वह दर्द से कराह रहा था। उससे जमीन से उठा नहीं जा रहा था। तब शुभम ने अपने हारने की परवाह न करके उस बच्चे की मदद की। पूरा स्कूल, सभी दर्शकगण ये सब होते देख रहे थे। किसी भी माँ - बाप के लिए यह गौरव की बात होगी जब उन्हें व उनके बच्चे को अच्छे व्यवहार के लिए सराहा जा रहा हो। वैसे भी जीवन में सफलता हासिल करने के लिए व्यक्ति में अच्छे गुणों का होना बहुत ज़रूरी है। इसीलिए बेहतर है कि बच्चे को शुरू से ही अच्छे व्यवहार की सीख दी जाए। तो आइए जानते हैं कि वे कौन सी खासियतें हैं जो अच्छे व्यवहार के लिए बच्चे को सिखाई जानी चाहिए। जानने के लिए पढ़ें, बच्चों के लिए 18 अच्छी आदतें क्या हैं? (Good Habits for Kids)

बच्चों के लिए 18 अच्छी आदतें

ये 18 अच्छी आदतें जो माता-पिता को अपने बच्चों को सफल बनाने के लिए सिखानी चाहिए

1. बड़ों का सम्मान करना

बच्चों को बड़ों का सम्मान करना ज़रूर सिखाएं। जब बच्चे में सबके लिए सम्मान की भावना होगी, तो वह सबका प्रिय बन जाएगा और जीवन में आगे बढ़ता चला जाएगा।

2. विनम्रता से बात करना

कहते हैं कि इंसान गुड़ न दे, कम से कम गुड़ की सी बात तो करे। सबसे प्यार से बोलने वाला इंसान हर किसी के दिल में अपनी खास जगह बना लेता है। यह गुण बच्चा माँ - बाप से सीखता है। इसलिए ज़रूरी है कि आप सबसे प्यार से बात करें।

3. प्लीज़, थैंक यू और सॉरी बोलना

बच्चे को ये तीन ' मैजिक वर्ड ' कहना सिखाएं। ये शब्द वाकई जादुई शब्द हैं जो सामने वाले पर अद्भुत छाप छोड़ते हैं। किसी से कोई मदद मांगते हुए प्लीज़ कहना, किसी के द्वारा मदद करने पर थैंक यू कहना और कुछ गलती हो जाने पर सॉरी कहना बच्चे के अच्छे संस्कारों को दर्शाते हैं।

4. ज़रूरतमंद की मदद करना

अपने बच्चे को किसी ज़रूरतमंद की मदद करने की सीख दें। मुश्किल समय हर किसी के साथ आता है ऐसे में अगर आप किसी की सहायता करते हैं तो वह व्यक्ति आपकी सहायता के लिए तैयार रहता है। यह बात अपने बच्चे को अवश्य बताएं।

5. दूसरों का मजाक न बनाना

किसी का मजाक बनाना बुरी बात है, किसी का दिल दुखाना बुरी बात है। बचपन से ही बच्चे को यह बात समझाएं। किसी की लाचारी का मजाक बनाना अच्छी बात नहीं है, यह सीख बच्चे को दें।

6. किसी की बात को ध्यान से सुनना

कई बार बच्चा किसी की बात पर गौर नहीं करता। वह सबकी बातों को अनसुना कर देता फिर चाहे वे घर के  अन्य लोग हों या उसके माता - पिता या उसके शिक्षक ही क्यों न हों। इसलिए बच्चे में बात को ध्यान से सुनने की आदत डालें। जब वह ध्यान से सुनेगा तभी कही जा रही बात का मतलब समझ पाएगा।

7. सही - गलत में अंतर करना

बच्चे को प्यार - दुलार करना बहुत अच्छी बात है लेकिन इसका यह मतलब कतई नहीं है कि उसकी हर सही - गलत बात को उचित माना जाए। उसे शुरू से ही सही व गलत बात का अंतर समझाएं। गलत का साथ गलत रास्ते पर व सही का साथ सही रास्ते पर ले जाता है, यह सीख बच्चे को ज़रूर दें।

8. धैर्य रखना

जीवन में पल - पल समय बदलता है। कब कैसा समय आ जाए कुछ कहा नहीं जा सकता। इसलिए धैर्य रखने की सीख बच्चे को अवश्य दें। मुश्किल वक्त में धैर्य ही सबसे अच्छा साथी होता है। जल्दी से किसी बात को लेकर परेशान न होने की आदत उसमें डालें ।

9. शेयर करने की आदत होना

बच्चे को अपनी चीज़ों से लेकर अपनी बातें भी शेयर करना सिखाएं। अपनी चीज़ों को वह अपने भाई  - बहनों से शेयर करे। अपने मन की बातों को अपने माता पिता से शेयर करने की अहमियत उसे जरूर बताएं। अपने स्कूल की, अपने दोस्तों आदि की सारी बात उससे आप जानने की कोशिश करें ताकि वह खुद - ब - खुद ही बातें शेयर करना सीख जाए

10. समय का पाबंद होना

समय बहुत कीमती होता है। और कहते हैं कि बीता समय कभी वापस नहीं आता। इसलिए बच्चे को समय की कद्र करना सिखाएं। हर काम को सही समय पर करने की आदत उसमें डालें जिससे उसे जिंदगी में सफलता हासिल हो। उसको उदाहरण देकर समझाएं कि अगर किसी काम का वक्त निकाल गया तो क्या होगा।

11. ईमानदार होना

ईमानदारी व्यक्ति का अनमोल गुण है। यह ईमानदारी हर किसी के प्रति बच्चे में होनी चाहिए। बच्चा अपनी जिम्मेदारियों के लिए, अपनी पढ़ाई के लिए, अपनी कही बात के लिए ईमानदार होना चाहिए। यह सीख अपने बच्चे को ज़रूर दें।

12. किसी की बात न काटना

किसी की बात को बीच में ही काटना एक असभ्य इंसान की पहचान होती है। किसी की बात बीच में न काटकर पहले पूरी बात सुने फिर अपनी राय प्रकट करे। इस व्यवहार की शिक्षा बच्चे को अच्छा इंसान बनने में मदद करेगी।

13. एक्सक्यूज मी कहना

किसी की बात से आप सहमत नहीं हैं तो उस व्यक्ति को एक्सक्यूज मी कहकर या माफी मांगते हुए अपने विचार व्यक्त करें। इससे सामने वाला बुरा भी नहीं मानेगा, यह गुण भी बच्चे के लिए महत्वपूर्ण है।

14. सभ्य भाषा का प्रयोग

आपकी भाषा आपके व्यक्तित्व की पहचान होती है। आप स्वयं भी सभ्य व्यवहार करें और शालीन भाषा में बात करें तो बच्चा आपको देख - सुनकर ही सीख जाएगा। बच्चा कुछ गलत शब्दों का प्रयोग करे तो उसे ऐसा करने से रोकें।

15. आत्मविश्वास होना

खुद पर भरोसा होना समाज में अपनी पहचान बनाने के लिए बहुत मायने रखता है। आत्मविश्वास के बल पर जीवन में हर मुकाम हासिल किया जा सकता है। इसलिए अपने बच्चे को सफल होते देखना चाहते हैं तो उसे आत्मविश्वासी बनाएं।

16. कठिनाइयों का सामना करना

ज़िंदगी चलने का नाम है। इसमें सुख - दुख लगे रहते हैं। कभी अच्छा समय आता तो कभी बुरा। ऐसे में बच्चे को कठिनाइयों से न घबराने की शिक्षा दें। बचपन से उसे अपनी छोटी - छोटी समस्याओं को हल खुद निकलने का मौका दें। जब तक ज़रूरी न हो तब तक उसकी हर बात में बीच में न पड़ें।

17. चुस्त - दुरुस्त और मेहनती होना

मेहनत के बिना कुछ भी पाना असंभव है। मेहनत के दम पर बड़ी से बड़ी मंज़िल भी पाई जा सकती है। और  मेहनत तभी की जा सकती है जब बच्चा चुस्त यानी फुर्तीला हो और दुरुस्त यानी तन - मन से स्वस्थ हो। इसलिए बच्चे में स्वस्थ रहने की आदत डालिए जिससे वह फिट रहकर अपना भविष्य बनाने में सक्षम हो।

18. स्पष्ट ना कहना

कुछ बातें ऐसी होती हैं जो आपको गलत प्रतीत होती हैं, आप उन पर अमल नहीं करना चाहते या कोई आपसे कुछ कराना चाहता है और आप नहीं करना चाहते, ऐसे में साफ शब्दों में बिना किसी हिचक के ना कहना अच्छा होता है। यह आदत बच्चे को होनी चाहिए  जिससे वह किसी के दवाब में आकर कोई काम न करे बल्कि, निडर रह सके।

  तो आप भी अपने बच्चे के एक सफल भावी जीवन के लिए उसमें इन सभी गुणों का विकास कीजिए जिससे आपका बच्चा एक सभ्य नागरिक कहलाए और आप भी उसकी तारीफ सुनकर फूले न समाएं।

डॉ. निशा खन्ना, साइकोलॉजिस्ट/फैमिली काउंसलर, बाय टेंस क्लीनिक, से बातचीत पर आधारित

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Kusum Lata

Last Updated: मार्च 24, 2020
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