संज्ञानात्मक विकास : 12 माह के बच्चे कितना जानते हैं? – Cognitive Development 12 Months in Hindi

By Editorial Team|5 - 6 mins| July 31, 2020

जब बात होती है, छोटे बच्चों की तो माता-पिता उनके शारीरिक, मानसिक और संज्ञानात्मक विकास को लेकर बेहद गंभीर होते हैं। शायद यही वजह है कि जब तक बच्चा 1 साल का नहीं हो जाता, तब तक उसमें विकास की गति को हर तीन और उसके बाद साल-दर-साल आंका जाता है। आइए जानते हैं कि 12 माह के बच्चों में संज्ञानात्मक कौशल कितना होता है और वे इससे जुड़े कौन-कौन से कार्य आसानी से कर पाते हैं।

अब तक आपका नवजात शिशु छोटा बच्चा बन गया है। वह अपनी ही भाषा में आपको बुलाने और चीजों के बारे में बताने लगा होगा। इस आयु के बच्चे चीजों को पकड़ कर या किसी सहारे के माध्यम से आसानी से खड़े हो जाते हैं और यहां तक कि आपके बुलाने पर अपनी प्रतिक्रिया भी देते हैं। इनके अलावा भी बच्चों में कई सकारात्मक परिवर्तन होते हैं, जो बच्चों संज्ञानात्मक यानी उनकी बुद्धिमत्ता और पूरे मानसिक विकास के बारे में बताते हैं। बच्चों के सीखने और दिमाग लगाने से जुड़े कुछ ऐसे ही काम हैं, जो बताते हैं कि उनका संज्ञानात्मक विकास किस प्रकार से हो रहा है।

12 माह के बच्चे का संज्ञानात्मक विकास

1. आपके आदेशों को सुनना

12 माह के बच्च आपके आदेशों को सुन और उन पर अपनी प्रतिक्रियाएं भी दे सकते हैं। जैसे कि अगर आप अपने बच्चे को किसी खिलौने को देने के बारे में कहेंगे तो वे इस पर अपनी प्रतिक्रिया जरूर देंगे। ध्यान रहे कि इस उम्र के बच्चे सिर्फ एक ही आदेश पर ध्यान दे सकते हैं। अगर आप उन्हें कहेंगे कि वे आगे जाकर वहां से कोई खिलौना लेकर वापिस आएं तो उन्हें इसे समझने में समय लगेगा।

2. छिपी हुई चीज को ढूंढ़ना

इस उम्र के बच्चे अब पहले की तरह बार-बार असमंजस में नहीं पड़ते। अगर आप उनके सामने किसी चीज को उनकी चादर या कंबल से छुपाकर उन्हें अचंभित करना चाहते हैं तो इसमें आपको कम और आपके बच्चे को अधिक सफलता मिलेगी। उन्हें पता है कि कोई भी चीज जिसे छिपाया या ढका जाता है, वह दोबारा वहीं मिलती है। अगर आप उसके लिए कंबल या चादर को नहीं हटाएंगे तो वह खुद आसानी से यह काम कर सकता है।

3. दूसरों को देखना और उनकी नकल करना

छोटे बच्चे अब आसानी से आवाजों को पहचानते हैं। इस उम्र के बच्चे भले स्पष्ट आवाज में कुछ न कह सकें, लेकिन वे जानवरों और दूसरी आवाजों को सुन या उनके चित्रों को देखकर उनकी नकल जरूर करते हैं। यहां तक कि अगर आप उनसे पूछेंगे कि पापा गुस्सा कैसे करते हैं या मम्मी कैसे डांटती हैं, तो वे इसकी भी नकल करने में पीछे नहीं रहेंगे।

4. हाथों और चेहरे के हाव-भाव से समझाना

इस उम्र के बच्चे अगर अपनी बात कहने में समर्थ नहीं होते, तो वे अपने हाथों या चेहरे के हाव-भाव से आपको जरूर समझाएंगे। जैसे कि परिवार का कोई सदस्य अगर बाहर जाता है और वे बच्चे को टाटा करता है तो अगली बार अगर बच्चा कहीं आ-जा रहा होगा तो वे अपना हाथ हिलाकर आपको टाटा का इशारा भी करेंगे। इसकी वजह यह है कि वे चीजों के साथ-साथ हाथों और चेहरे की गतिविधियों को भी गौर से देखते हैं।

5. चीजों को उनकी जगह पर ढूंढ़ना

आमतौर में सभी के घरों में हर चीज के लिए कोई एक जगह सुनिश्चित होती है। और इस उम्र के बच्चे इस बात को अच्छे से देखते हैं कि आपने कौन सी चीज कहां से ली है। जैसे सब्जी के लिए अक्सर हम फ्रिज का इस्तेमाल करते हैं और रसोई में बर्तन होते हैं और कपड़े अलमारी में रखे जाते है। ऐसे में 12 माह के बच्चे को अगर आप कहेंगे कि वे आपके लिए रूमाल लेकर आए तो वह अलमारी के पास जाकर रुक जाएगा। और यहां तक कि वे अलमारी को खोलने की कोशिश करेगा। यानी के वे जानते हैं कि कौन सा सामान कहां रखा जाता है और फिर उसे कहां से ढूंढ़ना है। अगर इसे संकेतों के रूप में देखें तो इससे यह पता चलता है कि बच्चे में दृश्य स्मरणशक्ति कितनी तीव्र हो रही है।

6. चीजों को नाम से पहचानना

आमतौर पर छोटे बच्चों के लिए हर चीज एक समान है। लेकिन 12 माह की उम्र के बच्चे चीजों को उनके नाम से पहचानने लगते हैं, खासकर जिन्हें आप रोजमर्रा की दिनचर्या में इस्तेमाल करते हैं। इसकी एक वजह और भी है कि जब हम बच्चों को तस्वीरों वाली किताबें दिखाते हैं तो उन्हें साथ में उनके नाम भी बताते हैं। ऐसे में जब आप अपने बच्चे से टमाटर या गेंद के बारे में कहेंगे तो वे उसे आसानी से पहचान जाएंगे।

7. चीजों का सही इस्तेमाल करना

12 माह या 1 साल के बच्चे चीजों के बारे में तो जानते ही जानते हैं। साथ में वे उनके सही इस्तेमाल के बारे में भी जानते हैं। अगर आप अपने बच्चे को खिलौने वाला फोन भी दे देंगे तो वे उसे सीधे उठाकर कान के पास रखेगा और ऐसा दिखाएगा कि जैसे वह फोन पर किसी से बात कर रहा है। इसकी वजह उनकी उम्र ही नहीं, बल्कि बच्चे का कई महीनों का अवलोकन भी है। क्योंकि बच्चा बैठने के बाद से कई महीनों तक अपने परिवार के सदस्यों को चीजों का इस्तेमाल करते हुए देखता है और बिना सिखाए ही वह सीख जाता है कि किस चीज को कैसे प्रयोग करते हैं।

आमतौर पर सभी बच्चे ये सब क्रियाएं खुद से ही कर लेते हैं, लेकिन अगर आपका बच्चा अभी इन क्रियाओं को करने में सफल नहीं हो पा रहा तो आप उसके साथ कुछ अधिक समय बिताएं और उसे घर पर मौजूद चीजों के साथ इस बारे में बताएं। जैसे कि आप किताबों की जगह सब्जियों, फलों और खिलौनों का इस्तेमाल कर सकते हैं। बच्चे खिलौने से काफी कुछ सीखते हैं। ऐसे में आप उन्हें ड्रम, किचन सेट और गेंद आदि खिलौने दें। ध्यान रखें कि ये खिलौने बड़े होने चाहिए, जिन्हें वे आराम से हाथ में उठा पाएं और साथ इन्हें मुंह में न डाल सकें। इसी के साथ आप बच्चे से ज्यादा से ज्यादा बात भी करें, ताकि वे आपके और उनसे जुड़े भावों या वस्तुओं को समझ सकें।


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Last Updated: Fri Jul 31 2020

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